निर्वाचन आयोग पर आरोपों के बजाय विपक्ष तथ्य और प्रमाण रखे रू डॉ. आरती तिवारी

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. आरती तिवारी ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर निर्वाचन आयोग, ईवीएम-वीवीपैट और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सवाल पूछने और संस्थाओं की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना चाहिए। डॉ. तिवारी ने कहा कि चुनावी परिणामों के बाद निर्वाचन आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्थिति पर आत्ममंथन करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपनी वेबसाइट और मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सेवाओं तथा ईवीएम-वीवीपैट से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराता है। आयोग के अनुसार ईवीएम में बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट शामिल होते हैं, जबकि वीवीपैट के माध्यम से मतदाता अपने मत की पुष्टि के लिए पर्ची देख सकता है। एसआईआर को लेकर सही जानकारी देने की अपील करते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर एसआईआर-2026 से संबंधित सेवाएं, अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा और नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए। आयोग के अनुसार पात्र भारतीय नागरिक नए मतदाता के रूप में फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत गठित संवैधानिक संस्था है और संसद, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी निभाता है। आयोग की वर्तमान संरचना मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्तों की है। उन्होंने कहा कि ईवीएम, निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर होने वाली बहस उपलब्ध दस्तावेजों, न्यायिक निर्णयों और निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर होनी चाहिए। डॉ. तिवारी ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से बिना प्रमाण के निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाने से बचने, एसआईआर और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जनता को सही जानकारी देने, प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करने तथा ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़े आरोपों को तथ्य और प्रमाण के साथ सार्वजनिक करने की अपील की। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा का सम्मान करने की भी बात कही। डॉ. तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े दावों के संबंध में तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।प्रेस वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस, जिला महामंत्री डॉ. अजय सिंह ‘पिंकू’ तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी मौजूद रहे।
