पयागपुर में चीनी के बढ़े दाम से गरीबों की रसोई पर असर
दैनिक सत्ता मंत्र
पयागपुर/ बहराइच। चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बहराइच जिले के पयागपुर क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों में चीनी के भाव में तेजी देखी जा रही है। स्थानीय बाजार में नरम चीनी करीब 65 रुपये प्रति किलो, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली चीनी का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो तक बताया जा रहा है। अचानक बढ़े दामों से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने घरेलू खर्च संभालने की चुनौती बढ़ गई है। चाय से लेकर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी का इस्तेमाल होने के कारण इसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है। आने वाले त्योहारों को देखते हुए मिठाइयों के दामों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। देशभर में भी चीनी के दामों में तेजी की खबरें सामने आ रही हैं। 20 अगस्त की रिपोर्टों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात कही गई है। वहीं, सरकारी मूल्य निगरानी आंकड़ों में 17 अगस्त को अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 51.68 रुपये प्रति किलो दर्ज था। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि पयागपुर में बढ़े हुए खुदरा भाव की प्रशासन को जांच करनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के पीछे आपूर्ति, स्टॉक या अन्य कोई वजह तो नहीं है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से बाजार की नियमित निगरानी कर उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब आमदनी सीमित है और रोजमर्रा की जरूरतों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तो गरीब परिवार महंगी होती चीनी की मिठास आखिर कैसे बरकरार रख पाएंगे?
