राप्ती खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर डीएम के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी
दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। अतिवृष्टि के बाद राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार शाम पांच बजे 104.870 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है और रात से जलस्तर में कमी आने की संभावना है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अतिवृष्टि से जनपद में आठ लोगों की मौत और 110 मकानों को नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई जारी है। विद्युत विभाग के 2032 पोल और 138 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 33 फीडर बहाल किए जा चुके हैं, जबकि शेष 44 फीडरों पर काम जारी है। लोक निर्माण विभाग ने मार्गों पर गिरे 211 पेड़ों को हटाकर आवागमन बहाल कराया है। तीनों तहसीलों में फसल क्षति का सर्वे राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें कर रही हैं। राप्ती और पहाड़ी नालों के जलभराव से 16 गांवों में आवागमन प्रभावित है। 10 गांवों में बड़ी नावें संचालित की जा रही हैं, जबकि 11 अतिरिक्त नावें मंगाई जा रही हैं। डीएम ने अधिकारियों को जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
