अतिवृष्टि के बाद अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन, पुनर्बहाली का काम तेज राप्ती खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर, फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। जनपद में बीते दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देश पर संबंधित विभागों की टीमें फील्ड में सक्रिय हैं और प्रभावित आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।सायं पांच बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.640 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से दो सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि वर्तमान में जनपद में बाढ़ की स्थिति नहीं है। प्रशासन के अनुसार रात में नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। संवेदनशील और निचले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। राहत और बचाव के सभी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थलों पर एसडीआरएफ और पीएसी को बोट उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।अतिवृष्टि से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को भी तेजी से सामान्य किया जा रहा है। जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है। शेष प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें और संसाधन लगाकर जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल, तार, ट्रांसफॉर्मर और अन्य विद्युत संरचनाओं की मरम्मत में जुटी हैं।डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति, आवागमन, जल निकासी सहित सभी आवश्यक सेवाओं की पूर्ण बहाली को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रखें।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से सतर्क रहने और नदी, जलभराव तथा निचले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने को कहा गया है।
