अमरडोभा विवाद हिंदू-मुस्लिम नहीं, प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध का मामलारू शमशाद आलम

दैनिक बुद्ध का संदेश
मेहदावल, संतकबीरनगर। विकास खंड बघौली के अमरडोभा कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव एवं मेहदावल विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी शमशाद आलम ने कहा कि अमरडोभा में हुआ विवाद हिंदू-मुस्लिम का मामला नहीं था, बल्कि प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में हुआ था। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा डीजे लगी गाड़ियों को सीज किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई, जिसका लोगों ने विरोध किया। शमशाद आलम के मुताबिक, विवाद का कारण प्रशासनिक कार्रवाई थी, न कि हिंदू-मुस्लिम विवाद। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहदावल क्षेत्र में लंबे समय से हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं और विभिन्न पर्व मिल-जुलकर मनाते हैं। शमशाद आलम ने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले में निर्दाेष लोगों को परेशान न किया जाए, सीज किए गए डीजे वाहनों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा मामले को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द एवं भाईचारा बनाए रखें।
