अयोध्या से आए कलाकारों ने विभिन्न झांकियां प्रस्तुत कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
दैनिक बुद्ध का संदेश
श्रावस्ती। महावीर बाबा थान पर आयोजित गणेश उत्सव के छठवें दिन कार्यक्रम का शुभारंभ लॉरेंस अकैडमी श्रावस्ती के छात्र प्रांजल तिवारी ने गणेश वंदना से किया। इस दौरान पंडित ओमप्रकाश मिश्रा ने गणेश कथा का वर्णन करते हुए ऋद्धि-सिद्धि विवाह प्रसंग की व्याख्या की।पंडित ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने देवताओं के विवाह में आने वाली बाधाओं का समाधान निकालने के लिए अपनी दो पुत्रियों ऋद्धि और सिद्धि को भगवान गणेश के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा। जब भी गणेश जी किसी देवता के विवाह में बाधा डालने के लिए जाते, उसी समय ऋद्धि और सिद्धि उनसे प्रश्न पूछकर उनका ध्यान भटका देती थीं। इससे देवताओं के विवाह निर्विघ्न संपन्न होने लगे। बाद में ब्रह्मा जी ने गणेश जी के समक्ष अपनी दोनों पुत्रियों से विवाह का प्रस्ताव रखा। गणेश जी की स्वीकृति से ऋद्धि और सिद्धि के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ, जिससे उन्हें शुभ और लाभ नामक पुत्रों की प्राप्ति हुई।वहीं, राम जानकी मंदिर कटरा के मठाधीश बाबा जवाहरलाल ने कहा कि पुराणों में वर्णन मिलता है कि एक बार तुलसी जी ने भगवान गणेश से विवाह का प्रस्ताव रखा था। गणेश जी द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने पर तुलसी जी ने उन्हें दो विवाह होने का श्राप दिया था। बाद में यह श्राप ऋद्धि और सिद्धि के साथ उनके विवाह के रूप में फलीभूत हुआ।कार्यक्रम के दौरान अयोध्या से आए कलाकारों ने विभिन्न झांकियां प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष रामकुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, मंत्री पप्पू पटेल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बनवारी लाल यादव, लवकुश पांडे, मोतीलाल, लाल जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
