आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का ईपीएफ/ईएसआई जमा करना अनिवार्य, महानिदेशक का सख्त आदेश

दैनिक बुद्ध का संदेश
कुशीनगर, 26 सितंबर। कार्यालय महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हित में आदेश जारी किया है। पत्रांक-11फ/2026-27/कैम्प/223 दिनांक 24 सितंबर 2026 के तहत प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सालयों के प्रमुख अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए प्रत्येक पात्र कर्मचारी के वेतन से ईपीएफ/ईएसआई की कटौती सुनिश्चित की जाए और नियोक्ता एजेंसी अपना अंशदान भी जमा करे।आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि एजेंसी द्वारा पिछले माह का ईपीएफ/ईएसआई चालान प्रस्तुत किए बिना उसका सर्विस बिल भुगतान नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिक्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है कि किसी भी श्रमिक का शोषण न हो।इस आदेश के बाद जनपद कुशीनगर के जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी पर आउटसोर्सिंग पर कार्यरत एलटी, एएनएम, स्टाफ नर्स, काउंसलर, वार्ड आया, सफाई कर्मी सहित सैकड़ों कर्मचारियों में खुशी है।इस संबंध में यूपी एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के गोरखपुर मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव श्लड्डूश् ने कहा कि यह आदेश आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्षों से एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ/ईएसआई की कटौती किए जाने के बावजूद उनके खातों में राशि जमा नहीं करने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा से वंचित रह जाते थे। महानिदेशक के इस आदेश से एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगेगी।उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को पीएफ, पेंशन और ईएसआई के माध्यम से इलाज का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए मांग की कि सीएमओ/सीएमएस कुशीनगर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।संघ ने जिला प्रशासन से इस आदेश को जनपद में तत्काल प्रभाव से लागू कराने की मांग की है।
