आर्य समाज मंदिर में हवन-पूजन, यज्ञ के महत्व पर दिया संदेश
दैनिक सत्ता मंत्र
श्रावस्ती। इकौना स्थित आर्य समाज मंदिर में चंद्र केतु आर्य की अध्यक्षता में हवन-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधि-विधान से हवन कर लोगों ने सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।इस अवसर पर चंद्र केतु आर्य ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ की ऊष्मा मनुष्य के अंतःकरण पर देवत्व की छाप डालती है। जहां यज्ञ होते हैं, वहां की भूमि एवं वातावरण सुसंस्कारों की छाप अपने अंदर धारण कर लेते हैं और वहां आने वाले लोगों पर भी इसका लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव रहता है।उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल में बड़े-बड़े यज्ञों के आयोजन वाले स्थान ही तीर्थ के रूप में विकसित हुए। जिन घरों और स्थानों पर नियमित रूप से यज्ञ होते हैं, वे भी एक प्रकार से तीर्थ का रूप ले लेते हैं। ऐसे वातावरण में रहने से मनुष्य की मनोभूमि उच्च, सुविकसित और सुसंस्कृत बनती है। चंद्र केतु आर्य ने कहा कि महिलाएं, छोटे बच्चे और गर्भस्थ शिशु विशेष रूप से यज्ञीय वातावरण से प्रभावित होते हैं। बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए यज्ञ एवं संस्कारयुक्त वातावरण की निकटता बेहद उपयोगी सिद्ध होती है।कार्यक्रम में अनिल नयर, अजय कुमार मिश्रा सहित आर्य समाज के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
