पंचायत भवन तक रास्ता नहीं, जलभराव से ग्रामीण बेहाल
दैनिक सत्ता मंत्र
बहराइच। एक ओर गांवों में विकास कार्यों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं बेरिया गांव में पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी बदहाल रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। गोंडा-बहराइच मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित पंचायत भवन के सामने जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा होकर भारी जलभराव की स्थिति पैदा कर देता है। ऐसे में ग्राम पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए पंचायत भवन पहुंचने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए बनाया गया है तो वहां तक सुगम रास्ता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है? मुख्य मार्ग से पंचायत भवन तक जाने वाला रास्ता अभी तक कच्चा है। बारिश के दिनों में रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा होने से पैदल आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ते पर इंटरलॉकिंग कराने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए ग्राम प्रधान बेरिया सहित कई ग्रामीणों द्वारा कई बार अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सवाल उठता है कि बार-बार शिकायत और अनुरोध के बावजूद जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा?ग्रामीणों ने मांग की है कि गोंडा-बहराइच मुख्य मार्ग से पंचायत भवन बेरिया तक इंटरलॉकिंग कराकर पक्का रास्ता बनाया जाए तथा पंचायत भवन के सामने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन तक पहुंचने का रास्ता सुगम होने से उन्हें सरकारी योजनाओं और ग्राम पंचायत से संबंधित कार्यों के लिए आने-जाने में राहत मिलेगी।अब देखना यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं और पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए कच्चे रास्ते की मजबूरी कब खत्म होती है।
