पितृपक्ष पर श्रद्धालुओं का सैलाब: सैकड़ों ने किया पितरों को जल अर्पण!

दैनिक बुद्ध का संदेश
कुशीनगर। पितृपक्ष के अवसर पर क्षेत्र से आए हुए श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल अर्पण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में कम से कम एक सौ से अधिक लोग शामिल हुए।सुबह से ही ग्राम पंचायत कनौरा के त्रिमुहानी घाट पर लगभग पांच बजे सुबह से ही नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ीती है। पुरुष और बुजुर्ग अपने-अपने पितरों को स्मरण करते हुए मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पण करते दिखाई दिए।ग्रामीणों का कहना है कि पितृपक्ष में जल अर्पण करना एक धार्मिक परंपरा है, जिससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ के साथ-साथ पिंडदान भी किया। वातावरण पूरी तरह से धार्मिक आस्था और भावनाओं से ओतप्रोत रहा।स्थानीय पंडितों ने बताया कि पितृपक्ष में जल अर्पण और पिंडदान का महत्व अत्यधिक है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही श्रद्धा से निभाई जाती है। इस में आने वाले श्रद्धालु, अनुरुद्ध उपाध्याय, रविन्द्र पाण्डेय, पंचानंद निषाद, बृजकिशोर प्रसाद, पिन्टू जायसवाल, सुग्रीम मिश्र, गोविंद श्रीवास्तव, धनंजय चतुर्वेदी, डॉ प्रदीप विश्वास, शतीश मिश्र, ओमप्रकाश मिश्र, ओमप्रकाश सिंह, हृदया सिंह, अशोक उपाध्याय, आदि सैकड़ों लोगो की उपस्थित रही।
