बलरामपुर में नवजात की मौत पर नोवा अस्पताल पर उठे सवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
दैनिक सत्ता मंत्र
बलरामपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र के भगवतीगंज-उतरौला मार्ग स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान नवजात की मौत के बाद शनिवार को हंगामा हो गया। बच्चे की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और उपचार के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल के दस्तावेज, उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच की तथा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया। मृतक नवजात के पिता अमित कुमार यादव, निवासी कुटकुडिय़ों, थाना हरैया, ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार अमित ने अपनी पत्नी खुशबू को 13 अगस्त की रात करीब तीन बजे नोवा अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक रात करीब 4रू30 बजे खुशबू ने पुत्र को जन्म दिया। परिवार का दावा है कि प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार ने अस्पताल में चिकित्सक की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच के नाम पर नवजात के शरीर से कई बार खून लिया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों का यह भी आरोप है कि नवजात की स्थिति गंभीर होने के बावजूद समय पर उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों के मुताबिक 15 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मृतक के पिता ने तहरीर में अस्पताल कर्मियों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।बिना लाइसेंस अस्पताल संचालन के आरोप की भी जांच नवजात की मौत के मामले की जांच के दौरान अस्पताल के संचालन से जुड़े दस्तावेज भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खंगाले। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आने की जानकारी है कि अस्पताल की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन जांच के समय तक लाइसेंस जारी नहीं हुआ था। ऐसे में बिना लाइसेंस अस्पताल संचालन हुआ या नहीं, इसकी भी स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नवजात की मौत के मामले में अस्पताल के उपचार संबंधी रिकॉर्ड, उपलब्ध दस्तावेज, चिकित्सकीय व्यवस्था और अस्पताल के लाइसेंस समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस भी मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि उपचार में लापरवाही अथवा अस्पताल संचालन से संबंधित नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नवजात की मौत के मामले में परिजनों के आरोप, अस्पताल का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
