योगासन चौंपियनशिप में वीरेंद्र विक्रम सिंह को स्वर्ण 70$ मास्टर ट्रेडिशनल योगा वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया।

दैनिक बुद्ध का संदेश
बैंकॉक (थाईलैंड)। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित 4थी यूवाईएसएफ एशिया पैसिफिक योगासन स्पोर्ट्स चौंपियनशिप-2026 में भारत के वरिष्ठ योग साधक वीरेंद्र विक्रम सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रतियोगिता का आयोजन 5 सितंबर 2026 को अवाना बैंकॉक होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में किया गया।वीरेंद्र विक्रम सिंह ने ‘ट्रेडिशनल योगादृ70$ मैन मास्टर ट्रेडिशनल’ श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर भारत का गौरव बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रमाणपत्र (ब्मतजपपिबंजम व िडमतपज) प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को निर्धारित आसनों का प्रदर्शन करना था। वीरेंद्र विक्रम सिंह ने तीन अनिवार्य आसनोंकृकुर्मासन, गोमुखासन और उष्ट्रासनकृके साथ दो स्वेच्छिक आसनोंकृपद्म मयूरासन और एक पाद कौण्डिन्यासनकृका प्रभावी प्रदर्शन किया। उनके संतुलन, शारीरिक नियंत्रण, अनुशासन और योगाभ्यास की निरंतरता को निर्णायकों ने सराहा।वीरेंद्र विक्रम सिंह ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी बेटी इंजीनियर वर्षा सिंह को देते हुए कहा कि प्रतियोगिता की तैयारी में उनका विशेष मार्गदर्शन और सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि वर्षा सिंह के मार्गदर्शन के कारण ही वे प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सके और स्वर्ण पदक हासिल करने में सफल हुए। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस स्वर्ण पदक का विशेष श्रेय उनकी बेटी वर्षा सिंह को जाता है। प्रतियोगिता के मुख्य जज प्रोफेसर सेगर गुरु, वर्ल्ड प्रेसिडेंट सुरेश कुमार, एशिया प्रेसिडेंट ज्योति पाल तथा जनरल सेक्रेटरी सुदीप कुमार गिरी ने वीरेंद्र विक्रम सिंह के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। वीरेंद्र विक्रम सिंह की इस उपलब्धि से योग जगत, उनके परिजनों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। 70 वर्ष से अधिक आयु में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगासन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करना उनके निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और योग के प्रति समर्पण का उल्लेखनीय उदाहरण है।
