बुलडोजर कार्रवाई पर उठ रहा सवाल सरकारी जमीन के कब्जे का मामला,लोगों ने लगाया भेदभाव का आरोप
दैनिक सत्ता मंत्र
गोन्डा । जनपद के सदर तहसील के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सराय जरगर-खोरहंसा में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर जिला प्रशासन ने गुरुवार शाम बुलडोजर चलवाकर हटाने की कार्यवाही की थी। प्रशासन ने करीब ढाई बीघा ग्राम सभा की जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए 6 अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया।जबकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगो ने प्रशासन पर भेदभाव करते हुए कार्रवाई का आरोप लगाया है।स्थानीय लोगों के अनुसार घाटा संख्या 327, रकबा 0.210 हेक्टेयर (करीब 52 डिसमिल) भूमि कन्या पाठशाला के नाम दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर बने 8 दुकानों और एक मकान को हटाने के लिए नोटिस जारी हुआ था,लेकिन कार्रवाई के दौरान केवल 6 दुकानों को ही हटाया गया, जबकि कुछ निर्माणों को छोड़ दिया गया।ग्रामीणों और अधिवक्ता का आरोप है कि इरशाद काजी के कब्जे में अभी भी सरकारी भूमि का हिस्सा बना हुआ है।उनका कहना है कि यदि पूरी सरकारी जमीन पर कार्रवाई की जाती तो मकान का भी हिस्सा हटना चाहिए था।आरोप यह भी लगाया गया कि प्रशासन की कार्रवाई सभी कब्जाधारियों पर समान रूप से नहीं हुई।प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है।एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा था। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया,जिसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया गया।एसडीएम ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान जारी रहेगा और किसी भी अवैध कब्जेदार को बख्शा नहीं जाएगा।प्रशासन के अनुसार, कब्जामुक्त कराई गई भूमि का उपयोग अब जनहित के सरकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के सभी कब्जाधारियों पर समान रूप से की जाए।
