खेसरहा

दुल्ही में कोटेदार पर राशन कटौती और अनियमितता के आरोप, ग्रामीणों ने मांगी जांच

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दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुल्ही में राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों ने कोटेदार जोखन पांडेय पर अनियमितता और निर्धारित मात्रा से कम राशन देने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण से पहले पात्र कार्डधारकों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन इसके बाद उन्हें तत्काल राशन नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।ग्रामीणों के मुताबिक पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन मिलना निर्धारित है। आरोप है कि वितरण के दौरान कई कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने प्रति यूनिट करीब एक किलो राशन कम देने का आरोप लगाया है। वहीं अंत्योदय कार्डधारकों ने भी निर्धारित मात्रा में कटौती किए जाने की शिकायत की है।पात्र गृहस्थी कार्डधारक हरिराम, बासमती और शर्मिला का आरोप है कि पहले ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है और बाद में राशन वितरण के समय प्रति यूनिट कम राशन दिया जाता है। उनका कहना है कि राशन गरीब परिवारों के लिए बेहद जरूरी है और निर्धारित मात्रा से कम राशन मिलने से परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो जाती है।इसी तरह अंत्योदय कार्डधारक बलिराम, रामपत और रामलोट ने भी निर्धारित मात्रा से पांच किलो राशन कम मिलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जांच करनी चाहिए और ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण तथा वास्तविक रूप से दिए गए राशन का मिलान करना चाहिए।ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में दुकानदार जोखन पांडेय से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि “प्रति यूनिट चार-पांच किलो राशन दिया जाता है।” हालांकि इस जवाब से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि चार किलो और पांच किलो राशन का अंतर किन कार्डधारकों या किन परिस्थितियों में है। ग्रामीणों की शिकायत के मद्देनजर इस बिंदु की भी जांच जरूरी बताई जा रही है।वहीं सप्लाई इंस्पेक्टर विमल कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमानुसार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगने के बाद पात्र व्यक्ति को तुरंत राशन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दुल्ही में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत सही पाई जाती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब ग्रामीणों की नजर विभागीय जांच पर है। उनका कहना है कि जांच के दौरान ई-पॉस मशीन का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक वितरण का मिलान कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में राशन मिला या नहीं।

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