सिद्धार्थनगर

पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

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दैनिकबुद्ध का सन्देश
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को नगर पंचायत सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण, टूल किट, आर्थिक सहायता, ऋण और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कारीगरों से योजना का लाभ उठाकर अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुई। मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।मुख्य अतिथि डोमेन एक्सपर्ट विजयकांत चतुर्वेदी ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना कुशल कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के बाद टूल किट उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कारीगरों से योजना से जुड़कर अपनी पारंपरिक कला एवं व्यवसाय को मजबूत करने की अपील की।किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन भी है। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से देश के शिल्पकारों एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले कामगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने से देश की आर्थिक मजबूती में भी योगदान मिलेगा।नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने कहा कि पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ, प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना सराहनीय पहल है। उन्होंने विश्वकर्मा समाज एवं सभी शिल्पकारों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं। अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने कहा कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में विभागों और बैंकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था में लाभार्थियों को आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए बैंक अधिकारियों से पात्र कामगारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत स्तर पर भी बैंक एवं एमएसएमई अधिकारियों की मौजूदगी में लाभार्थियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।एलडीएम रवि कुमार सिन्हा ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रक्रिया ऑनलाइन है। लाभार्थी आवेदन के बाद बैंक से संबंधित आवश्यक सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि ऋण एवं योजना से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने लाभार्थियों से आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन कर रहे एमएसएमई सहायक निदेशक प्रेम चंद कुमार ने कहा कि कारीगर और शिल्पकार समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्वकर्मा शिल्प के देवता माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना वर्ष 2023 में शुरू की गई थी और इसे सरल प्रक्रिया के माध्यम से धरातल पर लागू किया जा रहा है। योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान, लखनऊ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिवि केशरवानी ने उत्पादों की पैकेजिंग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कि बेहतर पैकेजिंग से उत्पाद की पहचान, आकर्षण और बाजार में मांग बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने लाभार्थियों को पैकेजिंग के व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण भी दिया। असिस्टेंट कमिश्नर उद्योग, डीआईसी सिद्धार्थनगर मनीष कुमार ने पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कारीगरों से पंजीकरण कराने और योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जितेंद्र वर्मा, अमन, अष्टभुज, रिंकू, बब्लू सहित बड़ी संख्या में कामगार एवं लाभार्थी मौजूद रहे।

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