मारपीट के दो दोषियों पर चला कानून का डंडा, कोर्ट उठने तक की सजा के साथ लगा ₹2 हजार जुर्माना
दैनिक सत्ता मंत्र
खेसरहा। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत खेसरहा पुलिस की प्रभावी पैरवी से मारपीट के मामले में दो आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाई गई है। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाने के साथ कुल 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी से पुराने मामले में दोषियों को सजा मिलने के बाद पुलिस महकमे में इसे अभियान की एक और सफलता के रूप में देखा जा रहा है। मामला थाना खेसरहा क्षेत्र के लखईखोर गांव से जुड़ा है। वाद संख्या 310/2016 एवं एनसीआर संख्या 43/2014 में धारा 323 भादवि के तहत दर्ज मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। 14 अगस्त 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट बांसी की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय के न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार भारती ने अभियुक्त रामप्रकाश पुत्र शिवहरख और कमलेश देवी पत्नी रामप्रकाश, निवासी लखईखोर, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगर को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। दोनों पर कुल 2,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। प्रभावी पैरवी से दोषियों तक पहुंचा कानून पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबित आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जिला मॉनिटरिंग सेल और थाना पुलिस द्वारा न्यायालय में मामले की मजबूती से पैरवी की गई। इस मामले में सजा सुनिश्चित कराने में जिला मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक संदीप सिंह तथा थाना खेसरहा के न्यायालय पैरोकार मुख्य आरक्षी रामकिशुन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की ओर से कहा गया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी का अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
