स्कूली वाहनों के चालकों की भी खंगाली जाएगी कुंडली
सिद्धार्थनगर। संवाद न्यूज एजेंसी। स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग एक बार फिर विशेष जांच अभियान चलाएगा। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत 11 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में वाहनों की फिटनेस और दस्तावेजों के साथ चालकों के चरित्र प्रमाणपत्र का भी सत्यापन कराया जाएगा। अभियान के दौरान यह जांच की जाएगी कि सड़क पर बच्चों को लेकर चल रहा वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं और उसकी जिम्मेदारी संभाल रहा चालक भी सत्यापन की कसौटी पर खरा उतरता है या नहीं। शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 700 से अधिक स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। ऐसे में इतने वाहनों और उनके चालकों की जांच करना परिवहन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। अधिकारियों की नजर विशेष रूप से उन वाहनों पर रहेगी, जो निर्धारित मानकों की अनदेखी कर बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का कार्य कर रहे हैं। जांच के दौरान वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, पंजीकरण, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच करते हुए चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन भी कराया जाएगा। परिवहन विभाग का उद्देश्य स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और संभावित हादसों को रोकना है। एआरटीओ संजय कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर 11 से 25 अगस्त तक स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। मानकों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
