डॉक्टर रहते हैं पीएचसी से गायब नियमविरुद्ध फार्मासिस्ट करते हैं मरीजों का इलाज,जिम्मेदार नहीं उठाते फोन
दैनिक सत्ता मंत्र
गोन्डा । जनपद में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारो की उदासीनता के कारण लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है।स्थानीय निवासियों के अनुसार लगातार पीएचसी पर तैनात डॉक्टर लापता रहते हैं तथा वहां मौजूद फॉर्मासिस्ट ही अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखते हुए मनबढ़ रवैया अपनाया जा रहा है तथा इलाज कर रहे हैं। जानकारी करने हेतु जब पीएचसी विशुनपुर बैरिया में जाकर देखा गया तो मौके पर डॉक्टर साहब गायब थे और उनकी कुर्सी पर बैठे फार्मासिस्ट मरीजों को सरकारी पर्चे पर दवा लिखते और इलाज करते नजर आ रहे थे।इस सम्बन्ध में जब मरीजों को देख रहे फार्मासिस्ट से बात की गई कि कोई डॉक्टर तैनात हैं तो बताया कि डॉक्टर तानिया श्रीवास्तव की तैनाती है परन्तु आकर चली गई।जबकि लगातार चर्चा है कि डॉक्टर तानिया तैनाती स्थल से हमेशा गायब रहती है।फार्मासिस्ट प्रदीप से पूछा गया की क्या डॉक्टर छुट्टी पर हैं तो जानकारी नही दे पाये। इस तरह से लगातार अगर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की जांच करवाई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।वहीं सरकारी नियमानुसार फार्मासिस्टों को अस्पताल में मरीजों की स्वतंत्र रूप से जांच करने,रोग का निदान करने या अपने मन से दवाइयां लिखने का कानूनी अधिकार नहीं होता है।उनका मुख्य काम डॉक्टरों द्वारा लिखे गए पर्चे के अनुसार दवा देना और मरीजों को दवाओं के सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है।लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशुनपुर बैरिया में लगातार नियमविरुद्ध कार्य करते हुए फार्मासिस्ट प्रदीप को देखा जा सकता है।इस सम्बन्ध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक श्री गौतम के नम्बर पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई परन्तु कई बार पूरी घंटी बचती रही कॉल नहीं उठा जिससे उनका पक्ष नहीं मिल सका।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतलाल के नम्बर पर सम्पर्क किया तो घंटी बजती रही कॉल नहीं उठा।फिलहाल उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा लगातार सुर्खियों में रहता है फोन न उठना योगी सरकार के निर्देशो का गला घोटना है जो जिम्मेदार अधिकारी बाखूबी कर रहे हैं।अब ग्रामीण की सुनवाई कहा होगी।
