एनसीईआरटी आधारित शिक्षा के साथ बच्चों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करने पर दिया जोर
दैनिक सत्ता मंत्र
श्रावस्ती। बीआरसी सभागार इकौना में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) तथा एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक आधारित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षामित्रों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी इकौना अमित कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश के उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्हें एनसीईआरटी पैटर्न के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को विद्यालय में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान एआरपी सौरभ रतन पांडेय ने शिक्षकों को विभिन्न शिक्षण कौशल एवं प्रभावी शिक्षण विधियों के बारे में प्रशिक्षित किया। वहीं एआरपी पंकज शुक्ला ने कहा कि आज का युग वैज्ञानिक युग है। बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। एआरपी बच्चा सिंह ने कहा कि बच्चों में शैक्षिक अभिरुचि और जिज्ञासा को प्रबल करना आवश्यक है। बच्चों को ऐसा वातावरण दिया जाना चाहिए, जिससे उनमें विद्यालय आने और प्रतिदिन नई चीजें सीखने की रुचि बनी रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दुर्गेश कुमार राय, अमरीश कुशवाहा, नंदकिशोर मौर्य, अजय विश्वकर्मा, प्रीति भारद्वाज, अंकिता सिंह, विपिन शुक्ला सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं शिक्षामित्र मौजूद रहे।
