केयरटेकर की मौत के बाद बंद पड़ा दुबई का सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण बोले- सुविधा बनी, फिर संचालन क्यों नहीं

दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया सामुदायिक शौचालय अब ग्रामीणों के काम नहीं आ रहा है। खेसरहा विकासखंड के ग्राम पंचायत दुबई में बना यह शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से सुविधा तैयार होने के बावजूद उसके संचालन की व्यवस्था ठप होने से इसका उद्देश्य ही अधूरा रह गया है। ग्रामीणों के मुताबिक सामुदायिक शौचालय बनने के बाद उम्मीद थी कि गांव के लोगों को खुले में शौच से राहत मिलेगी। कुछ समय तक व्यवस्था संचालित भी हुई, लेकिन शौचालय की देखरेख करने वाले केयरटेकर की मौत के बाद इसका संचालन बंद हो गया। इसके बाद से ग्रामीण शौचालय खुलने का इंतजार कर रहे हैं। गांव के रामप्रसाद, दौलत, रमेश और रीना समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने के लिए धन खर्च किया, लेकिन जब उसका संचालन ही नहीं हो रहा है तो ग्रामीणों को इसका लाभ कैसे मिलेगा। उनका सवाल है कि केयरटेकर की मृत्यु के बाद अब तक वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय लंबे समय से बंद होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से जल्द नया केयरटेकर नियुक्त कर सामुदायिक शौचालय का संचालन शुरू कराने की मांग की है। वहीं ग्राम प्रधान पाटेश्वरी दुबे ने बताया कि शौचालय की देखरेख करने वाले केयरटेकर की मृत्यु हो गई है। जल्द ही नए केयरटेकर की व्यवस्था की जाएगी, जिसके बाद शौचालय का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। अब सवाल यह है कि केयरटेकर की मौत के बाद वैकल्पिक व्यवस्था करने में इतना समय क्यों लगा? सरकारी योजना के तहत तैयार इस सुविधा का लाभ ग्रामीणों को कब से मिलना शुरू होगा, यह जिम्मेदारों की अगली कार्रवाई पर निर्भर है।
