खुनुवा चौकी से 200 मीटर की दूरी पर निर्माणाधीन भवन चर्चा में
दैनिक सत्ता मंत्र
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र की खुनुवा पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से चंद कदम की दूरी पर हो रहा एक भवननुमा निर्माण इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर निर्माणाधीन भवन को लेकर इसे कथित तौर पर मदरसा या मस्जिद के रूप में बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि, निर्माण का वास्तविक स्वरूप और उद्देश्य क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण स्थल को लेकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा के निकट किसी भी प्रकार के निर्माण की भूमि, स्वीकृति, निर्माण मानचित्र, उद्देश्य और संबंधित नियमों के तहत जांच होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के अनुसार भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और सीमा प्रबंधन में बुनियादी ढांचे तथा अन्य सुरक्षा उपायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रश्नगत भवन किसी धार्मिक, शैक्षणिक या अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाया जा रहा है तो क्या इसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई है? साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से इसकी वास्तविक दूरी कितनी है और सीमा क्षेत्र में लागू सुरक्षा एवं स्थानीय निर्माण नियमों के अनुरूप निर्माण किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच भी जरूरी मानी जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि निर्माणाधीन भवन को मस्जिद अथवा मदरसा बताया जाना फिलहाल केवल स्थानीय चर्चा और दावे पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भवन किस उद्देश्य से बनाया जा रहा है और निर्माण के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं या नहीं। मामले को लेकर जब शोहरतगढ़ के उपजिलाधिकारी राजेश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। वहीं तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जानकारी खुनुवा क्षेत्र के लेखपाल आशीष संगम को भी दे दी गई है। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि भारत-नेपाल सीमा से इतनी कम दूरी पर हो रहे निर्माण के लिए कौन-कौन से नियम और सुरक्षा मानक लागू होते हैं? क्या निर्माण स्थल की भूमि और स्वीकृतियों की जांच की गई है? यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी? इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
