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गुरु पूर्णिमा पर महुलानी के श्री रामेश्वर शिव मंदिर में गुरु परंपरा का सम्मान

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दैनिक सत्ता मंत्र
खेसरहा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर खेसरहा क्षेत्र के ग्राम महुलानी स्थित प्राचीन श्री रामेश्वर शिव मंदिर परिसर में बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व क्षेत्र के प्रकांड विद्वान पंडित इंद्रासन मिश्रा ने किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु-शिष्य परंपरा का विधिवत पूजन किया गया तथा गुरुजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में पंडित उपेंद्र पांडे, पंडित विनय त्रिपाठी, पंडित विवेकानंद, नित्यानंद, शिवानंद, अमृतानंद, हनुमान, प्रेम मिश्रा, अर्पित, आदित्य, अनुराग, भाग्यवान, शशि मिश्रा, अनूप, बृजेश और आकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर पंडित इंद्रासन मिश्रा ने श्री रामेश्वर शिव मंदिर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह स्थल वर्षों से साधना और तपस्या की पवित्र भूमि रहा है। उन्होंने बताया कि डुमरिया निवासी महान तपस्वी बलिकरन बाबा ने यहां 24 हजार करोड़ गायत्री मंत्र का जपानुष्ठान किया था। वे प्रतिदिन केवल एक समय भोजन करते थे और शेष समय जल के सहारे कठोर तपस्या में लीन रहते थे। उन्होंने बताया कि बलिकरन बाबा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या से संस्कृत शिक्षा प्राप्त कर लौटे राम प्रसाद मिश्रा ने वर्ष 1927 में अक्षय तृतीया के दिन विद्या विनोद संस्कृत पाठशाला की स्थापना की थी। वर्तमान में यह शिक्षण संस्थान अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। राम प्रसाद मिश्रा ने ही श्री रामेश्वर शिव मंदिर का निर्माण कराया, जो आज पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पंडित इंद्रासन मिश्रा ने बताया कि उनके गुरु द्वारा शिक्षित यज्ञ नारायण पाठक, काशीनाथ त्रिपाठी, जनार्दन पांडे, केशव भार्गव और प्रतिक मित्र जैसे विद्वान अब ब्रह्मलीन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके गुरु वर्ष 1990 में ब्रह्मलीन हुए और वर्ष 1991 से प्रत्येक गुरु पूर्णिमा पर इस पावन स्थल पर गुरु पूजन एवं सम्मान का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन का समापन भक्तिमय वातावरण और मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

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