जर्जर आंगनबाड़ी भवनों से बढ़ी चिंता, ग्रामीणों ने नए भवन निर्माण की उठाई मांग
दैनिक सत्ता मंत्र
खेसरहा। खेसरहा विकासखंड की ग्राम पंचायत अर्जी में संचालित दोनों आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। भवनों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और छत भी कमजोर हो चुकी है, जिससे केंद्रों में आने वाले नौनिहालों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने दोनों भवनों के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की है। एक आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित है, जबकि दूसरा पंचायत भवन के समीप स्थित है। दोनों भवन काफी पुराने और अनुपयोगी हो चुके हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण तथा गर्भवती और धात्री महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। लेकिन भवनों की बदहाल स्थिति के कारण इन सेवाओं का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण रामविलास, राजाराम और इंद्रमती ने बताया कि दोनों भवन लंबे समय से जर्जर हैं। उनका कहना है कि केवल मरम्मत नहीं, बल्कि नए भवनों का निर्माण कराया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके। आंगनबाड़ी सहायिका बीणा देवी ने बताया कि भवनों की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए नए भवनों का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। ग्राम प्रधान देवराज ने बताया कि दोनों आंगनबाड़ी भवनों के संबंध में उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति और बजट मिलते ही नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
