फर्जी फेसबुक आईडी मामले में वर्ष 2025 की शिकायत को जांच में शामिल करने की मांग
दैनिक सत्ता मंत्र
शोहरतगढ़/ सिद्धार्थनर। सोशल मीडिया पर फर्जी एवं छद्म नामों से संचालित फेसबुक आईडी के माध्यम से लोगों के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणियां किए जाने के मामले में पत्रकार श्रवण कुमार पटवा ने प्रभारी निरीक्षक शोहरतगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2025 में की गई शिकायत का हवाला देते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में शोहरतगढ़ पुलिस संदिग्ध एवं फर्जी फेसबुक आईडी की जांच कर रही है। ऐसे में 11 नवंबर 2025 को ष्ैंइीप च्म छंरंत भ्ंपष् नामक फेसबुक आईडी के संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा फेसबुक इंडिया के ग्रिवेंस अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को भेजी गई शिकायत को भी जांच का हिस्सा बनाया जाए। पत्रकार ने बताया कि वर्ष 2025 में भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उक्त फेसबुक आईडी के माध्यम से नगर के कई लोगों के विरुद्ध कथित रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां कर उनकी सामाजिक छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा था। शिकायत में विशेष रूप से श्रवण कुमार पटवा, सोनू महतो, पंडित टिल्लू शर्मा, सन्नी मद्धेशिया तथा महेश कसौधन सहित कई लोगों का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, शिकायत के समय संबंधित फेसबुक आईडी को रिपोर्ट एवं ब्लॉक किए जाने के बावजूद उसके माध्यम से विभिन्न लोगों पर लगातार टिप्पणियां किए जाने की बात सामने आती रही। शिकायत में यह भी आशंका व्यक्त की गई थी कि उक्त आईडी का संचालन एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है, जिसकी निष्पक्ष साइबर जांच कराई जानी चाहिए।पत्रकार ने कहा कि शिकायत दिए जाने के बावजूद उस समय संबंधित फेसबुक आईडी के संचालक अथवा संचालकों की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकी। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि वर्तमान में चल रही साइबर एवं सर्विलांस जांच के दौरान वर्ष 2025 की शिकायत का भी परीक्षण किया जाए और यदि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में प्रभावी कार्रवाई होने से आमजन में व्याप्त भय एवं असुरक्षा की भावना समाप्त होगी तथा सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी रुकेगा।
