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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने की जनसुनवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का किया निरीक्षण

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दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर, 21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ से जुड़े 13 प्रार्थना-पत्रों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को दोनों पक्षों को सुनकर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने, पति-पत्नी विवादों में काउंसिलिंग कराने, महिलाओं की गुमशुदगी एवं मानव तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी निगरानी रखने तथा नुक्कड़ नाटक व अन्य माध्यमों से महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों के भीतर सभी मामलों की निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। डॉ. चौहान ने विभिन्न विभागों को पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने, विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से जोड़ने, महिला शौचालय, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकने, हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा चौपालों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने पर भी जोर दिया। बैठक के बाद उन्होंने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जाना। डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति, बेहतर उपचार, अस्पताल की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। यहां श्बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओश् अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव मनाया गया, लाभार्थियों को उपहार वितरित किए गए तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बालिका तक पहुंचना चाहिए। इसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने जिला जेल सिद्धार्थनगर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बैरक का जायजा लेकर विचाराधीन महिला बंदियों से बातचीत की तथा सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण की जानकारी ली। साथ ही बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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