मिशन शक्ति केंद्र की काउंसलिंग से बचे नौ परिवार, दंपति फिर साथ रहने को हुए राजी
दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर।महिला थाना सिद्धार्थनगर स्थित मिशन शक्ति केंद्र की पहल से रविवार को नौ बिखरते परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया। महिला थाना परिसर में कई दौर की काउंसलिंग और आपसी सहमति के बाद नौ दंपतियों ने अपने मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। इसके बाद सभी महिलाओं को सम्मानपूर्वक उनके पतियों के साथ विदा किया गया।महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने बताया कि इन सभी दंपतियों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके चलते वे अलग-अलग रह रहे थे। मामले मिशन शक्ति केंद्र पहुंचे, जहां काउंसलिंग के माध्यम से रिश्तों को बचाने का प्रयास किया गया।काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को कई बार बुलाकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। लगातार संवाद, समझाइश और विश्वास बहाली के प्रयासों के बाद सभी नौ दंपतियों ने पुराने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने पर सहमति व्यक्त की।रविवार को आयोजित काउंसलिंग के दौरान सभी दंपतियों ने भविष्य में एक-दूसरे का सम्मान करने, पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा किसी भी विवाद की स्थिति में बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का संकल्प लिया।थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जहां संभव हो टूटते परिवारों को बचाना भी है। उन्होंने दंपतियों से छोटे-छोटे विवादों को आपसी संवाद और समझदारी से सुलझाने की अपील की।इन परिवारों के पुनर्मिलन में महिला थाना की काउंसलिंग टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में महिला मुख्य आरक्षी आशा, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, संगीता, शिखा खरवार, प्रगति और शिवानी सिंह शामिल रहीं। टीम ने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बातें सुनकर रिश्तों की अहमियत समझाई और सकारात्मक माहौल तैयार किया।रविवार को जिन नौ परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया, उनमें शोहरतगढ़, जोगिया, गोल्हौरा, सिद्धार्थनगर, उसका बाजार, मोहाना के अलावा बस्ती और गोंडा जनपद के परिवार भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ काउंसलिंग एवं संवाद के माध्यम से पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कर टूटते परिवारों को फिर से जोड़ना भी है।
