बहराइच में श्निपुण संकल्प कार्यशाला-2026श् का आयोजन
दैनिक सत्ता मंत्र
बहराइच। बेसिक शिक्षा विभाग बहराइच के तत्वावधान में बुधवार को हरियाली रिज़ॉर्ट में ष्निपुण संकल्प कार्यशाला-2026ष् का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं निपुण भारत मिशन के तहत बाल वाटिका से कक्षा 5 तक के बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत बनाना तथा विद्यालयों में गतिविधि-आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यशाला में प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक निपुण बनाने, दक्षतामूलक शिक्षण को बढ़ावा देने, शिक्षकों की शैक्षणिक भूमिका को मजबूत करने, नवाचारों के आदान-प्रदान, नियमित मूल्यांकन तथा विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा), सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी तथा राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने कहा कि निपुण भारत मिशन प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है और प्रशासन व शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि निपुणता केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक सहयोग, अनुश्रवण एवं नवाचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बुनियादी शिक्षा को संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए विभागीय समन्वय पर बल दिया। वहीं डायट प्राचार्यों ने शिक्षक क्षमता विकास, सतत प्रशिक्षण एवं दक्षतामूलक शिक्षण को मिशन की सफलता का आधार बताया। सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा) ने परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति और प्रभावी अनुश्रवण की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों ने एफएलएन संकेतकों, दक्षतामूलक शिक्षण, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक मूल्यांकन तथा डेटा आधारित योजना निर्माण पर तकनीकी सत्र आयोजित किए। वहीं खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी और एआरपी ने अपने-अपने विकासखंडों के सफल नवाचार और अनुभव साझा किए। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जनपद के प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह, मंडल के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वित्त एवं लेखा अधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, जिला समन्वयक निपुण संतोष सिंह, जिला समन्वयक बालिका अनुराग शर्मा, जिला समन्वयक समेकित लालजी दुबे, जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्रदीप कुमार वर्मा सहित सभी एआरपी, एसआरजी एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि कार्यशाला से प्राप्त सुझाव निपुण भारत मिशन को नई गति प्रदान करेंगे।
