वियतनाम के 55 सदस्यीय दल ने श्रावस्ती में आनंद बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की
दैनिक सत्ता मंत्र
श्रावस्ती। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में वियतनाम से 55 सदस्यीय दल पहुंचा। बौद्ध देवानंद की अध्यक्षता में दल के सदस्यों ने अपने रीति-रिवाजों के अनुसार आनंद बोधि वृक्ष पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बौद्ध देवानंद ने कहा कि घर में बुद्ध की प्रतिमा रखने से आंतरिक शांति, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। बुद्ध की प्रतिमा शांति, संतुलन और आंतरिक शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। इसकी उपस्थिति से मन को सुकून मिलता है और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि बुद्ध प्रतिमा ध्यान, एकाग्रता और सजगता को बढ़ावा देती है, जिससे विचारों में स्पष्टता एवं भावनात्मक स्थिरता आती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उचित स्थान पर बुद्ध की प्रतिमा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का वातावरण बना रहता है। पूजा-अर्चना के दौरान वियतनाम से आए बौद्ध श्रद्धालुओं ने श्रावस्ती की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम में बौद्ध भिक्षुओं सहित अन्य श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
