हाईवे पर छुट्टा पशुओं का बढ़ता आतंक, हादसों का खतरा बरकरार, किसान रातभर खेतों की रखवाली को मजबूर
दैनिक सत्ता मंत्र
जोगिया/सिद्धार्थनगर।विकासखंड जोगिया के उदयपुर में छुट्टा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार समाचार प्रकाशित होने और ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या ग्राम सचिव अधिकारियों के निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं, या फिर अधिकारियों की चेतावनियों का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है? क्षेत्र में चर्चा है कि शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।इसी क्रम में जोगिया ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-233) पर छुट्टा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क पर दिन-रात पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और राहगीरों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए उन्हें पूरी रात खेतों में पहरा देना पड़ता है। रात में सांप-बिच्छुओं का खतरा अलग बना रहता है, लेकिन मजबूरी में किसान अपनी मेहनत की फसल बचाने के लिए खेतों की रखवाली कर रहे हैं।जब इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रामनंदन वर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा, ष्मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसे तत्काल दिखवाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।ष् जब उनसे पूछा गया कि कई बार समाचार प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने कहा, ष्ऐसी बात नहीं है। मैं इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराऊंगा।ष्अब क्षेत्रीय लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाईवे को छुट्टा पशुओं से मुक्त कराया जाए, गोवंश के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए और किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क हादसों पर रोक लग सके और किसानों को राहत मिल सके।
