छह माह से अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की टंकी, ग्रामीणों ने उठाए सवाल, प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
दैनिक सत्ता मंत्र
खेसरहा। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत सुपौली में बनाई जा रही पेयजल योजना की पानी की टंकी पिछले छह माह से अधूरी पड़ी है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य बंद होने से ग्रामीणों को अब तक घर-घर शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी है। इससे गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि टंकी का निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, लेकिन पिछले छह माह से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। निर्माण अधूरा होने के कारण योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।ग्रामीण कैलाश, जगत, कोइदल और तोलन समेत अन्य लोगों ने बताया कि कई बार अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं कराया गया। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच कराए और जल्द से जल्द इसे पूरा कराकर जलापूर्ति शुरू कराए।ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी सवाल उठाए हैं कि आखिर निर्माण कार्य किस कारण से छह माह से बंद है, परियोजना पर अब तक कितना खर्च हो चुका है, कार्यदायी संस्था के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और निर्माण कार्य दोबारा कब शुरू होगा। उनका कहना है कि यदि समय पर निगरानी होती, तो योजना इतने लंबे समय तक अधर में नहीं लटकती।गांव के लोगों ने जिलाधिकारी और जल निगम के अधिकारियों से मांग की है कि परियोजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय की जाए तथा जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराकर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाए। इससे ही जल जीवन मिशन का उद्देश्य धरातल पर पूरा हो सकेगा।
