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डायट श्रावस्ती में शिक्षक संकुल की तृतीय त्रैमासिक बैठक संपन्न, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निपुण विद्यालय पर हुआ मंथन

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दैनिक सत्ता मंत्र
श्रावस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), इकौना श्रावस्ती में शिक्षक संकुल की तृतीय त्रैमासिक बैठक का आयोजन प्राचार्य सत्येन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए शिक्षक संकुल सदस्यों ने प्रतिभाग करते हुए शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार और विद्यालयों में नवाचारों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में 10 अधिगम शिक्षण प्रक्रिया, कैच-अप कार्यक्रम, पठन संस्कृति एवं पठन विकास, निपुण विद्यालय एवं आकलन, इको क्लब और यूथ क्लब का गठन, विद्यालयों में टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के प्रभावी प्रयोग तथा शिक्षकों के बीच सहयोगात्मक अधिगम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया वरिष्ठ प्रवक्ता राम प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में शिक्षक संकुल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में नवाचारों को अपनाने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों, शिक्षण सामग्री निर्माण तथा बच्चों की अधिगम प्रगति से जुड़े अनुभव साझा किए। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समापन सत्र में अधिकारियों ने शिक्षकों को अपने विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डायट के प्रवक्ताओं, एसआरजी एवं एआरपी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता रमेशचन्द्र मौर्य, इरशाद अहमद, दिव्य प्रताप, गिरीश प्रसाद मिश्रा, रेनू यादव, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, इमरान अहमद, अमित कुमार पाठक, ओमप्रकाश यादव, धर्मेंद्र कुमार, आशीष कुमार, नंद कुमार पाठक, प्रशांत कुमार मिश्रा, दुर्गेश राय, सौरभ रत्न पाण्डेय, कर्मवीर, सुनीता, अंबुज, सुधीर कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।नोटरू आपके द्वारा भेजे गए विवरण में शीर्षक में ष्तृतीय त्रैमासिक बैठकष् लिखा है, जबकि पहले पैराग्राफ में ष्प्रथम त्रैमासिक बैठकष् लिखा गया है। समाचार में मैंने शीर्षक के अनुसार ष्तृतीय त्रैमासिक बैठकष् का प्रयोग किया है। यदि वास्तव में प्रथम बैठक थी, तो उसे उसी अनुसार संशोधित किया जा सकता है।

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