तरबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात बदलने का आरोप,6 महीने से बेटे को पाने के लिए भटक रहा दंपती
दैनिक सत्ता मंत्र
गोन्डा। जनपद के तरबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद नवजात बच्चे को कथित रूप से दूसरे पक्ष को सौंपे जाने का गंभीर मामला सामने प्रकाश में आया है।प्राप्त सूचना के अनुसार पीड़ित दंपती का आरोप है कि स्टाफ नर्स की लापरवाही और कथित मिलीभगत के चलते उनका नवजात बेटा दूसरी महिला को दे दिया गया। दंपती पिछले छह महीने से बच्चे को वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।सौजिया निवासी लाल बहादुर और उनकी पत्नी निर्मला का कहना है कि प्रसव के दौरान पड़ोस की एक महिला तीमारदार बनकर उनके साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई थी। आरोप है कि महिला ने स्टाफ नर्स की मिलीभगत से डिलीवरी रजिस्टर में निर्मला की जगह अपनी बेटी काजल का नाम दर्ज करा दिया।दंपती के मुताबिक प्रसव के समय निर्मला बेहोश थीं और इसी दौरान नवजात को तीमारदार महिला को सौंप दिया गया। उनका आरोप है कि उन्हें अपने नवजात बेटे का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया।पीड़ित दंपती ने थाने में शिकायत करने के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग को भी प्रार्थना पत्र भेजा है।मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने जांच शुरू कर दी है।प्रभारी निरीक्षक श्रीधर पाठक ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. नवनीत गौरव सिंह के मुताबिक प्रसव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाकर मामले की जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
