बीआरसी लक्ष्मीपुर में शिक्षकों के पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण का प्रथम बैच संपन्न
दैनिक सत्ता मंत्र
लक्ष्मीपुर- महराजगंज । बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से बीआरसी लक्ष्मीपुर सभागार में आयोजित शिक्षकों के पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण के प्रथम बैच का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में लगभग 100 शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षकों को खेल, खोज, गतिविधि आधारित शिक्षण, टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के प्रभावी उपयोग तथा दक्षता आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी सुदामा ने कहा कि नई शिक्षा नीति और निपुण भारत मिशन के तहत प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों में भाषा और गणित की मजबूत नींव तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मिशन संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से पांच तक के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बच्चों में पढ़ने, लिखने, समझने तथा गणितीय अवधारणाओं को विकसित करने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक एआरपी अरुण कुमार सिंह, चंद्र प्रकाश मौर्य, राकेश अग्रहरि तथा संदर्भदाता चंद्र प्रकाश और सुनील प्रजापति ने दो अलग-अलग कक्षों में शिक्षकों को भाषा एवं गणित शिक्षण की आधुनिक तकनीकों, सीखने के प्रतिफलों, टीएलएम के उपयोग और दक्षता आधारित शिक्षण पद्धति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्ष उनके सर्वांगीण विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी अवधि में उनकी सीखने की क्षमता, भाषा विकास, तार्किक सोच, रचनात्मकता तथा सामाजिक व्यवहार का तेजी से विकास होता है। इसलिए शिक्षण प्रक्रिया को रोचक, सहभागितापूर्ण और बाल-केंद्रित बनाया जाना आवश्यक है। प्रशिक्षकों ने कहा कि यदि शिक्षक खेल, खोज और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई कराते हैं तो बच्चे विषयों को बेहतर ढंग से समझते हैं और सीखने में उनकी रुचि भी बढ़ती है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सीखने के प्रतिफलों के संहिताकरण, मूल्यांकन की नई पद्धतियों तथा कक्षा-कक्ष में नवाचारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षक मनोज उपाध्याय, मिथिलेश सिंह, शीला वर्मा, दधिबल मौर्य, डॉ. डी.एन. राव, इस्माईल, गोदावरी पटेल, सज्जाद अहमद, दीपचंद सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव के माध्यम से शिक्षक विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
