राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर
दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर। 11 अगस्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण एवं परिवार न्यायालय में प्री-ट्रायल बैठकों का आयोजन किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सिद्धार्थनगर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता माननीय श्री अरविन्द राय, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने की। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शैलेन्द्र नाथ सहित संबंधित अधिवक्तागण, पक्षकार, बीमा कम्पनी के अधिवक्तागण तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मोटर दुर्घटना से संबंधित अधिक से अधिक क्लेम पेटिशन मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराए जाने पर जोर दिया गया। पीठासीन अधिकारी द्वारा बीमा कम्पनी एवं संबंधित अधिवक्तागण से लंबित पत्रावलियों के अधिक से अधिक निस्तारण के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में परिवार न्यायालय, सिद्धार्थनगर में माननीय श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय की अध्यक्षता में प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शैलेन्द्र नाथ, मध्यस्थ श्री राघव प्रसाद त्रिपाठी, श्री अवनीन्द्र नाथ त्रिपाठी, श्री द्विजेन्द्र मणि त्रिपाठी, परामर्शदाता श्रीमती पुष्पावती मिश्रा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रधान न्यायाधीश द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक पारिवारिक वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किए जाने पर बल दिया गया। उन्होंने परिवार न्यायालय के परामर्शदाता एवं मध्यस्थता केन्द्र के मध्यस्थगण से चिन्हित पारिवारिक वादों में पक्षकारों के बीच प्रभावी सुलह कराने तथा अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के संबंध में विचार-विमर्श किया। साथ ही चिन्हित वादों में पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शैलेन्द्र नाथ ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
