सीमा पर 16 बोरी यूरिया बरामद, तस्कर फरार,खाद की आपूर्ति व्यवस्था पर उठे सवाल
दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया खाद की तस्करी का मामला सामने आया है। मंगलवार-बुधवार की रात मोहाना थाना पुलिस और एसएसबी लीलाडीहवा की संयुक्त टीम ने ग्राम लीलाडीहवा में चेकिंग के दौरान 16 बोरी यूरिया खाद और चार साइकिलें बरामद कीं। टीम को देखते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में मोहाना पुलिस और एसएसबी लीलाडीहवा की संयुक्त टीम सीमा क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को संदिग्ध रूप से यूरिया खाद की खेप ले जाने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची टीम को देखकर तस्कर खाद और साइकिलें छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बरामद 16 बोरी यूरिया और चार साइकिलों को कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार बरामद खाद और साइकिलों को कस्टम अधिनियम की धारा 11 के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय ककरहवा भेज दिया गया है। अब मामले में कस्टम स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्र में यूरिया की बरामदगी के बाद खाद की आपूर्ति और इसकी तस्करी रोकने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकार की ओर से उर्वरक बिक्री में पीओएस मशीन और आधार आधारित सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि बरामद यूरिया किस माध्यम से सीमा क्षेत्र तक पहुंची। जांच के दौरान खाद की बोरियों पर दर्ज बैच नंबर, संबंधित विक्रेता के बिक्री रिकॉर्ड और पीओएस मशीन से जुड़े विवरण का मिलान किया जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि खाद किस विक्रेता के माध्यम से और किस तारीख को बेची गई थी। सीमा क्षेत्र में पहले भी यूरिया की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में केवल खाद की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय इसके स्रोत और सीमा तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस ने बरामद खाद और साइकिलों को कस्टम विभाग को सौंप दिया है। आगे की कार्रवाई कस्टम जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
