‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में अमर्यादित नारेबाजी का वीडियो वायरल
दैनिक सत्ता मंत्र
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को नगर पंचायत शोहरतगढ़ में शिवपति इंटर कॉलेज द्वारा आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा के दौरान कुछ स्कूली छात्रों द्वारा कथित रूप से अमर्यादित नारेबाजी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। वायरल वीडियो में रैली के दौरान “हमारी मांगे पूरी करो, ब्यूटी पार्लर बंद करो” सहित अन्य नारे लगाए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित तिरंगा यात्रा में बच्चों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज होता है। ऐसे आयोजन में अनुशासन, मर्यादा और राष्ट्रध्वज के सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बच्चों की इस तरह की हरकत का वीडियो सामने आने के बाद सहज ही सवाल उठता है कि उनके माता-पिता और अभिभावकों पर क्या बीत रही होगी। शिक्षकों की मौजूदगी पर भी उठे सवाल- स्थानीय लोगों के अनुसार, रैली में संबंधित विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, लेकिन विद्यालय के पर्याप्त शिक्षकों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि रैली के दौरान शिक्षक भी छात्रों के साथ मौजूद रहते और अलग-अलग स्थानों पर उनकी निगरानी करते तो ऐसी स्थिति बनने से रोका जा सकता था। जानकारों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों में छात्रों की सुरक्षा के साथ-साथ अनुशासन की जिम्मेदारी भी आयोजकों और विद्यालय प्रबंधन की होती है। रैली में शिक्षकों की पर्याप्त निगरानी रहने से बच्चों को अनुशासित रखने में मदद मिलती है। कार्रवाई और जांच की मांग- वीडियो वायरल होने के बाद नगर में मामले को लेकर चर्चा तेज है। लोगों ने पूरे प्रकरण की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि नारेबाजी करने वाले छात्र कौन थे और रैली के दौरान उनकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।लोगों का कहना है कि किसी भी राष्ट्रीय पर्व के आयोजन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना होना चाहिए। ऐसे में आयोजकों और विद्यालय प्रबंधन को भविष्य में इस तरह के आयोजनों में पर्याप्त निगरानी और अनुशासन सुनिश्चित करना चाहिए। बहरहाल, वायरल वीडियो की सत्यता तथा पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित स्तर से जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
